अपराध
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Mon, 30 Jun 2025 12:57:18 +0000en-US
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1 प्रयागराज में बवाल करने वालों को पुलिस की इतनी टीमे ऐसे पहचान कर रही पकड़, चंद्रशेखर आजाद रावण दे रहे बड़ी चेतावनी
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यूपी के प्रयागराज में रविवार को भीम आर्मी के चीफ आजाद समाज पार्टी के मुखिया सांसद चंद्रशेखर आजाद को सर्किट हाउस में नजरबंद करने के बाद ऐसा क्या हुआ था कि घंटो पथराव, तोड़फोड़, आगजनी और बवाल होता रहा, पुलिस असहाय सी बनी रही। भीम आर्मी के हजारों समर्थक एक के बाद एक पुलिस समेत कई गाड़ियों को न कि निशाना बनाते रहे बल्कि कई बाइको को आग के हवाले कर दिए। क्यों पुलिस और भीम आर्मी कार्यकर्ताओं के बीच यह संघर्ष हो गया जिस पर काबू पाने के लिए कई घंटे यूपी की जाबाज पुलिस को लग गए। सोशल मीडिया में प्रयागराज बवाल की पुलिस गाड़ियों में हुई तोड़फोड़ की तस्वीरो और धूधू कर जलाई गई बाइको को जिसने देखा वह यही कहता रहा की योगी राज में ऐसा कैसे हो गया। अब इस मामले को लेकर विपक्ष भी सरकार पर हमलावर है और पुलिस की कई टीमें आरोपियों की पकड़- धकड़ में दिन-रात एक किए हुए है। अब तक कितने आरोपी पकड़े गए और कौन सी सख्त कार्रवाई इन आरोपियों के विरुद्ध करने की तैयारी चल रही है। रविवार को ऐसी नौबत क्यों आई।
चंद्रशेखर की चेतावनी पर पुलिस की कार्रवाई पड़ती भारी
कौशांबी के लोहदा गांव की रेप पीड़िता से रविवार को मिलने के लिए जा रहे नगीना सांसद और भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद रावण को रोके जाने के बाद कार्यकर्ताओं द्वारा घंटो किए गए बवाल, पथराव और तोड़फोड़ मामले में 54 के विरुद्ध नामजद और 550 अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह एफआईआर प्रभारी निरीक्षक करछना सरोज की और से दर्ज कराई गई है। बीएनएस की डेढ़ दर्जन से अधिक धाराओं में दर्ज कराई गई है। अभी तक 50 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तारी के लिए 20 टीमें रात दिन दबिशो का दौर चलाए हुए है। सीसीटीवी फुटेज के जरिये तोड़फोड़ करने वालों की पहचान की जा रही है। अभियुक्तों के खिलाफ एनएसए और गैंगस्टर के तहत कार्रवाई के तहत कार्यवाही चल रही है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि कई घंटो तक उपद्रवी बवाल करते रहे और यूपी की जांबाज पुलिस उन्हें रोक पाने में अक्षम साबित होती रही। जिससे कहीं न कहीं योगी सरकार की हनक धमक और इकबाल पर भी इसका असर पड़ता हुआ दिखाई दिया। दूसरी तरफ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बवाल मामले में बड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि यह सरकार की मिली भगत है। चंद्रशेखर आजाद को जाने देना चाहिए। बताते चले कि भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद प्रयागराज कौशांबी के लोहदा गांव की रेप पीड़िता से मिलने के लिए जा रहे थे। पुलिसकर्मियों नें कौशांबी जाने से चंद्रशेखर आजाद को रोका और हाउस अरेस्ट कर लिया। जिसके बाद उनके समर्थक सड़क पर उतर आए। जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की। इस दौरान पुलिस की गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचा है। हाउस अरेस्ट के विरोध में चंद्रशेखर के पांच हजार समर्थको ने करछना इलाके में सड़क पर हंगामा किया। पुलिस की गाड़िया तोड़ दी गई। बसो पर पथराव किया गया। पुलिस की आठ गाड़ियों और बसों समेत सात प्राइवेट बसों में तोड़फोड़ की गई है। 15 बाइके फूक दी गई। पथराव में चौकी प्रभारी समेत आधा दर्जन पुलिसकर्मी चोटिल हो गए थे। जिन उपद्रवियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है उनके लिए पुलिस ने 20 टीमे बना दी है। रात भर उपद्रवियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश अलग-अलग हिस्सों में दी गई है। हंगामा करने वालों की सीसीटीवी के जरिए पहचान की जा रही है। यूपी पुलिस इन उपद्रवियों की पहचान कर रही है जिन्होने सड़क पर उतरकर रविवार की रात उत्पात मचाया। अब पूरे मामले में पुलिस कार्रवाई कर रही है। लेकिन आपके मन में सवाल होगा आखिरकार ये हंगामा शुरू कैसे हुआ। दरअसल पुलिस ने लॉ एंड ऑर्डर का हवाला देते हुए चंद्रशेखर आजाद को सर्किट हाउस में रोक लिया। जिसकी खबर मिलते ही चंद्रशेखर आजाद के समर्थक भड़क गए और उन्होने हंगामा करना शुरू कर दिया। चंद्रशेखर आजाद के करीब 5 हजार समर्थको ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। जिसके बाद हालात बेकाबू होते दिखे। हजारों की तादाद में चंद्रशेखर आजाद के समर्थको के पहुंचने से हालात खराब हुए। इन लोगो ने पुलिस टीम पर हमला किया। पुलिस की कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की। पुलिस की स्कॉर्पियो को पलट दिया और दूसरी गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचाया। हालात इस कदर बिगड़े की मामला पथराव तक पहुंच गया। चंद्रशेखर के हाउस अरेस्ट से नाराज समर्थकों ने कई गाड़ियों को आग के हवाले भी कर दिया। जिससे हालात और खराब हुए। जिसके बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया। चंद्रशेखर आजाद लोहदा गांव जाने वाले थे। जहां पर उनके आने की खबर मिलने के बाद बड़ी संख्या में समर्थक जुटे थे। जिन्होने जैसे ही चंद्रशेखर की हाउस अरेस्ट होने की खबर सुनी तो वे भड़क गए और उन्होने सड़क पर उतर कर हंगामा करना शुरू कर दिया। रविवार दोपहर डेढ़ बजे भीम आर्मी के समर्थक इसौटा गांव में जमा हुए। दोपहर ढाई बजे चंद्रशेखर के हाउस अरेस्ट की खबर सामने आई। 3 बजे चंद्रशेखर के समर्थको ने भड़ेवरा चौराहे पर चक्का जाम किया। तीन बजकर बीस मिनट पर चंद्रशेखर के समर्थको की पुलिस के साथ झड़प हुई। शाम साढ़े 6 बजे चंद्रशेखर के समर्थको ने तोड़फोड़, हंगामा और आगजनी की। हंगामा पर काबू पाने के लिए बड़ी संख्या में फोर्स को मौके पर बुलाया गया। जिसने उपद्रवियों को दूर खदेड़ा और इसके बाद पुलिस ने फ्लैग मार्च कर इलाके में भारी पुलिस बल को तैनात कर दिया है। उधर सांसद चंद्रशेखर आजाद ने राजधानी लखनऊ में बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। बता दे लोहदा गांव की आठ साल की बच्ची से रेप का युवक पर आरोप लगा। आरोपी युवक को पुलिस ने जेल भेज दिया। आरोपी युवक के पिता ने थाने के बाहर जहर खाया। आरोपी के पिता की जहर खाने से मौत हो गई। मौत का आरोप रेप पीड़ित लड़की के पिता पर लगा। पुलिस ने रेप पीड़ित के पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले की जांच एसआईटी प्रतापगढ़ को सौंपी गई।